समय नष्ट जाने के बाद पछतावा? अब क्या करें?
हर किसी की ज़िंदगी में एक वक्त ऐसा आता है जब हमें लगता है –
"काश उस समय समझदारी दिखाई होती..."
"काश समय बर्बाद न किया होता..."
लेकिन पछताने से वक्त वापस नहीं आता — पर सही कदम आज भी शुरू किए जा सकते हैं।
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🌱 1. पछतावे को सबक में बदलें
पछतावा अगर सोच में रहे तो वह दर्द बन जाता है।
पर वही पछतावा अगर सीख में बदले, तो वह आगे का रास्ता बन जाता है।
👉 अपने बीते फैसलों से सीखिए और खुद से वादा कीजिए — अब वही गलती नहीं दोहरानी है।
⏳ 2. अभी का उपयोग करें — "अब भी देर नहीं हुई"
जो समय बीत गया, वो वापस नहीं आएगा।
पर जो समय अभी है, वो आपके हाथ में है।
👉 खुद से पूछें: "आज से मैं क्या बदल सकता हूँ?" और वही से शुरुआत करें।
🔄 3. छोटे कदमों से नई शुरुआत करें
बड़ी सफलता एक दिन में नहीं मिलती।
👉 रोज़ 1% सुधार लाएं – चाहे पढ़ाई हो, सेहत हो, नौकरी हो या रिश्ते।
धीरे-धीरे वही सुधार एक नई दिशा में बदल जाएगा।
🧘 4. खुद को माफ करें
खुद को दोष देना छोड़िए।
👉 इंसान वही है जो गलतियाँ करता है, लेकिन उनसे सीखकर आगे बढ़ता है।
अपने अंदर आत्मविश्वास जगाइए — "मैं दोबारा कर सकता हूँ।"
🧠 5. आगे की योजना बनाएं
👉 एक डायरी लें और लिखें:
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अब मैं क्या करना चाहता हूँ?
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मुझे कहाँ पहुँचना है 6 महीने में?
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मैं कौन-कौन सी आदतें बदलूंगा?
योजना से दिशा मिलती है, और दिशा से बदलाव।


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